19 जुलाई 2011 - 19:30

ईरानी संसद सभापति ने कहा है कि ज़ायोनी शासन अपने अस्तित्व के संबंध में ख़तरनाक भ्रम का शिकार है और वह अपनी ही छाया से भयभीत है।

ईरानी संसद सभापति ने कहा है कि ज़ायोनी शासन अपने अस्तित्व के संबंध में ख़तरनाक भ्रम का शिकार है और वह अपनी ही छाया से भयभीत है।श्री अली लारीजानी ने आज संसद के खुले सत्र में कहा कि इस्राईल ने एक बार फिर उस जहाज़ को रोक लिया जिसपर परिवेष्टन से घिरे ग़ज़्ज़ा पट्टी के लिए मानवीय सहायताएं लदी थीं तथा अंतर्राष्ट्रीय कार्यकर्ता सवार थे। उन्होंने कहा कि ग़ज़्ज़ा जाने वाले जहाज़ पर क़ब्ज़ा एक समुद्री डकैती है तथा यह इस्राईल के इतिहास में एक और राजनैतिक कलंक है। ज्ञात रहे मंगलवार को इस्राईली कमांडो टुकड़ी ने अलकरामा जहाज़ को अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में अपने नियंत्रण में कर लिया जो इस्राईल की ओर से कड़े परिवेष्टन में घिरे ग़ज़्ज़ा पट्टी के फ़िलिस्तीनियों के लिए सहायता सामग्री व दवाएं ले जा रहा था। संसद सभापति ने इस्राईल के इस क़दम पर अमरीका और पश्चिम के पूर्ण समर्थन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार ने उनकी शक्ति प्रदर्शन से अधिक मध्यपूर्व के परिवर्तनों के संबंध में उनकी गहरी चिंता को और अधिक दर्शा दिया है। अली लारीजानी ने कहा कि इस्राईली कमांडो टुकड़ी द्वारा अलकरामा जहाज़ पर क़ब़्ज़े की व्यापक परिप्रेक्ष्य में समीक्षा की जानी चाहिए और वह मध्यपूर्व व उत्तरी अफ़्रीक़ा में जारी इस्लामी जागरुकता लहर है। ईरान के संसद सभापति ने वाशिंग्टन और तेलअविव से फ़िलिस्तीन की समस्या को और व्यापक रूप से समझने तथा एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के गठन के मार्ग में बाधा डालने से बचने का सुझाव दिया। ......166